रविवार होने के बावजूद कार्यालय में जमे रहे अधिकारी ! युद्ध स्तर पर चलता रहा काम ! भूपेश सरकार ने आचार संहिता लगने से 2 मिनट पहले तक लिए ताबड़तोड़ फैसले !! सोमवार कई अखबारों की बनी सुर्खियां.. !!

शनिवार तक सियासी गलियारों में एक माहौल था कि अगले 72 घंटों के अंदर चुनाव आयोग कभी भी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है और आचार संहिता लागू हो सकती है। इस बात को लेकर सरकारी महकमे में आने वाली योजनाओं को लेकर गति काफी तेज हो गई थी। अचानक से सुबह करीब 9:00 बजे चुनाव आयोग ने एक नोटिस जारी किया। जिसमें कहा गया था कि शाम 5:00 बजे चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। इसके बाद क्या था.. रविवार होने के बावजूद भी अधिकारी अपने सरकारी दफ्तरों में उपस्थित रहे और कामकाज को युद्ध स्तर पर आने वाले महत्वपूर्ण निर्णय के लिए दस्तावेज तैयार करने में जुट गए। चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के 2 मिनट पहले तक युद्ध स्तर पर कार्य जारी था। मीडिया घरानों ने भी इस बात को सोमवार की सुर्खियां बनाई।

लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. देशभर में 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में मतदान और 23 मई को एकसाथ सभी सीटों पर मतगणना का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है. इसके साथ ही आदर्श आचार सहिंता भी लागू हो गई है. लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले बीते रविवार को छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार में भारी हड़बड़ी में दिखी. बीते दो दिनों में छत्तीसगढ़ सरकार ने ताबड़तोड़ फैसले लिए कई योजनाओं की घोषणा की चुनाव की घोषणा से पहले राज्य में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर किए गए. अंतिम क्षणों तक ट्रांसफर रद कराने की कोशिश की जाती रही. आचार संहिता लागू होने से पहले भूपेश सरकार के लिए गए फैसलों को

रविवार को छुट्टी के दिन भी मंत्रालय के अधिकारी अपने दफ्तरों में व्यस्त रहे. आचार संहिता लगने के दो मिनट पहले तक ताबड़तोड़ आदेश निकाले गए. वक्त इतना कम था कि नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना का बजट कागज पर हाथ से लिखकर जारी करना पड़ा. पिछले दो दिनों में सरकार ने शराबबंदी के अध्ययन दल की घोषणा, 15 हजार शिक्षकों की भर्ती, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, पुलिस को साप्ताहिक अवकाश, सरकारी कर्मियों को 9 फीसद महंगाई भत्ता देने जैसे बड़े निर्णय लिए.

आखिरी वक्त में लिए गए निर्णय

सेना या केंद्रीय बल में कार्यरत छत्तीसगढ़ के किसी निवासी के शहीद होने पर उनकी पत्नी को तुरंत नौकरी देने का एलान किया गया. उनके बच्चों को कालेज तक मुफ्त शिक्षा दिलाने का आदेश भी जारी किया. राज्य सरकार ने आखिरी वक्त में गोठान के लिए 28 करोड़ 71 लाख का बजट जारी किया है. आचार संहिता की हड़बड़ी ने अफसरों डायरी के पन्ने पर हाथ से लिखकर इसका बजट प्राक्कलन सोशल मीडिया पर जारी किया. इस पन्ने पर अलग से लिखा है- स्वीकृत, कार्य आरंभ. ग्रामीण विकास प्राधिकरण से सभी 27 जिलों में कुल 88 गोठान 21.15 लाख रुपये प्रति गोठान के हिसाब से 18 करोड़ 56 लाख रुपये जारी किए गए हैं. अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण से 48 गोठान के लिए 10 करोड़ 15 लाख रुपये जारी किए गए हैं.

बदले गए छह पुलिस अफसर

आचार संहिता लगने से पहले मानवाधिकार आयोग के एसपी अजात बहादुर शत्रु को सेनानी पांचवीं वाहिनी छसबल जगदलपुर, एसपी पुलिस अकादमी चंदखुरी शशिमोहन सिंह को सेनानी नौवीं वाहिनी, छसबल दंतेवाड़ा और एएसपी एसीबी बिलासपुर सुखदेव प्रसाद करोसिया को एसपी छत्तीसगढ़ राज्य मानवाधिकार आयोग पदस्थ किया गया है. वहीं, एएसपी वर्षा मिश्रा को एआइजी पुलिस मुख्यालय, अमृता शोरी को एएसपी रायपुर और मेहरू राम मंडावी को एएसपी प्रोटोकाल रायपुर पदस्थ किया गया है. इसके अलावा रविवार को सरकार ने अतुल तिवारी सहायक प्राध्यापक प्राणि शास्त्र को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंपर्क विवि का कुलसचिव के पद से हटाकर डॉ आनंद शंकर बहादुर सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी, शासकीय चंदुलाल चंद्राकर कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पाटन को कुलसचिव नियुक्त किया.

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May 23, 2019

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