सुकमा के पूर्व एसपी जितेंद्र शुक्ला के ट्रांसफर के बाद हुए फेसबुक पोस्ट पर राज्य सरकार बेहद गंभीर ! डीजीपी डीएम अवस्थी ने दिया प्रशासनिक सेवा के आचरण नियमों का कड़ाई से पालन करने का स्पष्ट निर्देश !!

रायपुर। कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा और सुकमा के पूर्व एसपी जितेंद्र शुक्ला के बीच हुआ विवाद ने काफी तूल पकड़ लिया है। पहले पत्राचार एवं उसके बाद सोशल मीडिया में फेसबुक पोस्ट के माध्यम से सुकमा के पूर्व की पोस्ट को राज्य सरकार ने इसे काफी गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाद डीजीपी डीएम अवस्थी ने अखिल भारतीय सेवा के आचरण नियमों का पालन करने को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

दरअसल मामला यह है कि फरवरी माह में कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा ने तत्कालीन सुकमा के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला को टीआई के ट्रांसफर के लिए पत्र लिखा था। जिसके जवाब में मंत्री को पत्र लिखकर आईपीएस जितेंद्र शुक्ला ने ट्रांसफर करना अपना विशेषाधिकार बताते हुए ऐसा करने से मना कर दिया था। इसके बाद सुकमा एसपी का ट्रांसफर कर दिया गया।

अपने इस ट्रांसफर को लेकर आईपीएस जितेंद्र शुक्ला ने अपने FACEBOOK पोस्ट पर लिखा कि

“यह अनचाहा और अप्रत्यशित है। लेकिन अब वक्त आ गया है, बस्तर और सुकमा को अलविदा कहने का।”

पहले मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने SP के ट्रांसफर के मामले में दो टूक कहा कि

मंत्री को पत्र लिखने का अधिकार किसी एसपी को नहीं है। एसपी ने पत्र लिखा, इसलिए उसका तबादला किया गया है।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 का हवाला देते हुए कहा कि

“अखिल भारतीय सेवा के आचरण नियम 1968 के नियम 7 में स्पष्ट रुप से अखिल भारतीय सेवा के सदस्यों को किसी भी प्रकार का जन सामान्यो के संचार माध्यम एवं अन्य साधनों में किसी भी दस्तावेजों के प्रस्तुतीकरण या कथन को प्रतिबंधित करता है, जो केंद्र या राज्य शासन के सामयिक या वर्तमान नीति या कार्य की आलोचना करता हो। शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग संबंधी मार्गदर्शी निर्देश का कड़ाई से पालन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है”

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July 18, 2019

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